आयु 5 वर्ष से 62 वर्ष तक न्यूनतम आयु 5 वर्ष इसलिए कि किसी माता-पिता के बच्चे का सहारा छिन जाए तो मानवता परिवार के सदस्य मिलकर आर्थिक सहयोग प्रदान कर सके जिससे आर्थिक सहयोग वृद्धावस्था का सहारा बन सके। अधिकतम आयु 62 वर्ष इसलिए की 62 वर्ष तक व्यक्ति लगभग अपने जीवन के दायित्वों का निर्वहन जैसे बेटे की पढ़ाई बेटी की शादी कर लेता है। मृत्यु एक अटल सत्य है एक दिन सबकी आनी है। अगर 62 वर्ष से अधिक उम्र के लिए सहयोग रखा जाता है तो महीने में 5 से 10 सहयोग करने पड़ेंगे जो की सदस्यों के लिए करना असंभव है।